{"title":"Laltu","description":"","products":[{"product_id":"laltu-se-gupshup","title":"Laltu Se Gupshup","description":"\u003cdiv style=\"text-align: center;\"\u003eलाल्टू के मज़ेदार किस्से!\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv style=\"text-align: center;\"\u003eकिस्से दोस्ती के, बाल-मन मे चल रही \u003c\/div\u003e\n\u003cdiv style=\"text-align: center;\"\u003eउथल-पुथल के, सवाल-जवाब के....\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv style=\"text-align: center;\"\u003eकिस्से जो न सिर्फ गुदगुदाते हैं, बच्चों\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv style=\"text-align: center;\"\u003eकी जिन्दगी मे झाँकने का मौका भी देते है ।\u003c\/div\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43947211391233,"sku":"9789394552920","price":55.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0663\/4589\/4145\/files\/Untitled_design_-_2025-08-14T153222.967.png?v=1755165763"},{"product_id":"din-bhar-kya-kiya","title":"Din Bhar Kya Kiya?","description":"\u003cp\u003eलाल्टू की कविताओं का यह संकलन मुख्य रूप से किशोरों व नव-साक्षरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। संकलित कविताओं की विषयवस्तु में काफी विविधता है ताकि युवा पाठक लाल्टू के रचना संसार के विस्तार का आस्वाद ले सकें। साथ में युवा कलाकार तविशा सिंह के रेखाचित्र हैं। कविता और चित्र मिलकर अनुभवों का एक नया संसार रचते हैं। इन कविताओं और चित्रों से गुज़रते हुए पाठक की कल्पनाशीलता इसमें न जाने और कितने रंग भरे, कितने नए संसारों की रचना करें!\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइसलिए लिखते रहना है, पल-पल अल्फाज़ का सैलाब लाना है हटाए, धकेल दिए गए पल की जगह फिर से लानी है\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक और पल की नई तस्वीर\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eफिर से धकेले जाने को तैयार खड़ा सच।\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45608770175233,"sku":"978-81-19771-90-5","price":75.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0663\/4589\/4145\/files\/Paperback_65.png?v=1753436676"},{"product_id":"kudrat-ke-sach-aur-samaj","title":"Kudrat Ke Sach Aur Samaj- Kuchh Bikhare Hua Sawal","description":"\u003cp\u003eविज्ञान के क्या मायने हैं? क्या मायने हैं वैज्ञानिक प्रवृत्ति के ? कुदरत, कुदरती हम, हम से समाज, मूल्य, मान्यताएँ, प्रेम - विज्ञान इनसे अछूता तो नहीं? लाल्टू के सवाल बिखरे हैं, कुदरत के सच की ही तरह, मगर इस बिखराव में चिन्ताएँ हैं हकीकत और विज्ञान के सामाजिक भविष्य की। 2022 के 'होविशिका व्याख्यान माला' में दिया गया यह व्याख्यान, देखें किस मीमांसा तक ले जाता है...\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह किताब होविशिका के 50 साल और एकलव्य के 40 साल पूरे होने के मौके पर ज्ञान-विज्ञान के अलग- अलग क्षेत्रों से जुड़ी किताबों की श्रृंखला में एक कड़ी के रूप में प्रकाशित की जा रही है।\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45799642038529,"sku":"9788119771882","price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0663\/4589\/4145\/files\/Paperback_55_da5dd6cc-d519-4e0a-a476-dc194e34f975.png?v=1753431709"},{"product_id":"gyan-vigyan-technology-aur-samaj-aam-zaban-me-kuchh-baatein","title":"GYAN , VIGYAN, TECHNOLOGY AUR SAMAJ: AAM ZABAN ME KUCHH BAATEIN","description":"\u003cp\u003eविज्ञान क्या है? टेक्नोलॉजी का विज्ञान के साथ क्या रिश्ता है? ज्ञान हासिल करने के दूसरे तरीकों और विज्ञान में क्या फर्क है? विज्ञान और छद्म-विज्ञान के बीच कैसी खाइयाँ हैं? ए-आई की सीमाएँ और सम्भावनाएँ क्या हैं?\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस किताब में सरल भाषा में ऐसे तमाम सवालों की पड़ताल के साथ-साथ विज्ञान की बुनियादी संरचना, उसके दार्शनिक पहलुओं और उससे जुड़ी बहसों पर विस्तृत चर्चा की गई है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eविज्ञान के साथ साहित्य, धर्म आदि दीगर बौद्धिक व सामाजिक गतिविधियों पर भी चर्चा है। साथ ही, विज्ञान और टेक्नोलॉजी के मानविकी के साथ सम्बन्धों और इनके बीच के तनावों को भी स्पष्ट किया गया है। आस्था के सवाल पर भी चर्चा की गई है और विज्ञान के सन्दर्भ में इसकी जटिलताओं पर रोशनी डाली गई है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eतकनीकी बदलावों की रफ्तार और इन्सानी वजूद पर उसके गहरे असर के बावजूद विज्ञान और टेक्नोलॉजी के बारे में आम समझ और बातचीत सीमित ही है। ऐसे में लाल्टू की यह किताब एक बड़ी कमी को पूरा करने की दिशा में ज़रूरी कदम है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और आम पाठकों, सभी के लिए बेहद उपयोगी व ज़रूरी किताब।\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48766141956353,"sku":"9789376122974","price":200.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0663\/4589\/4145\/files\/gyaanvigyaatechnologyorsamaaj_page-0001.jpg?v=1778668110"}],"url":"https:\/\/eklavyapitara.in\/collections\/laltu.oembed","provider":"Eklavya Pitara","version":"1.0","type":"link"}