{"title":"Walter Peter","description":"","products":[{"product_id":"shiksha-aur-zindagi-mein-ranghmanch","title":"Shiksha aur Zindagi Mein Ranghmanch","description":"\u003cp data-start=\"46\" data-end=\"397\"\u003eशिक्षा में रंगमंच का विचार कोई नया विचार नहीं है। गिजुभाई बधेका जैसे जाने-माने शिक्षाशास्त्री शिक्षा में रंगमंच का इस्तेमाल करते थे। अगर हम अपने खुद के स्कूली जीवन को भी याद करें तो हमारे ज़ेहन में कोई न कोई ऐसे शिक्षक ज़रूर आएँगे, जो इस विचार को बख़ूबी अमल में लाते थे। लेकिन ज़्यादातर लोग रंगमंच को सिर्फ मंच, रोशनी और संवादों की दुनिया समझते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"399\" data-end=\"757\"\u003eयह किताब समाज में मौजूद शिक्षा और रंगमंच के बीच के इसी फ़ासले को पाटने का एक सार्थक प्रयास है। यह शिक्षा और ज़िन्दगी में रंगमंच की अहमियत को समझने का एक अलग नज़रिया पेश करती है। इसके लेखक वॉल्टर पीटर पिछले तीन दशक से बच्चों के साथ कार्यशालाएँ करते आ रहे हैं। इन कार्यशालाओं में बच्चों के साथ की गई गतिविधियों को उन्होंने इस किताब में संजोने की कोशिश की है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"759\" data-end=\"1158\"\u003eइस किताब में सौ से भी ज़्यादा गतिविधियाँ दी गई हैं जिन्हें बहुत ही कम संसाधनों के साथ या बिना किसी संसाधन के सीधे तौर पर बच्चों या बड़ों के साथ आज़माया जा सकता है। एक तरफ ये गतिविधियाँ उन्हें मज़ेदार लगेंगी, तो दूसरी तरफ वे बहुत-से मुद्दों के बारे में गम्भीरता से सोच पाएँगे और सवाल उठाना और जवाब खोजना भी सीखेंगे। किताब की भाषा बेहद सरल है और हिन्दी भाषा में लिखी गई यह इस किस्म की पहली किताब है।\u003c\/p\u003e","brand":"Eklavya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48277527396609,"sku":"9789376128549","price":120.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0663\/4589\/4145\/files\/ShikshaaurZindgimeRangmanchFront.png?v=1774522817"}],"url":"https:\/\/eklavyapitara.in\/collections\/walter-peter.oembed","provider":"Eklavya Pitara","version":"1.0","type":"link"}