Kakku ke Karname
Kakku ke Karname
Publisher: Eklavya
Author: Basant
Illustrator: Prashant Soni
ISBN: 978-93-85236-24-2
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 44
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| कभी खेल तो कभी तिकड़म का मेल। कक्कु की शरारतों का कोई अन्त नहीं। कभी गांव तो कभी शहर। कक्कु के कारनामों का सफर जारी है। |

'कक्कू के कारनामें' लेखक पी के बसंत द्वारा लिखे एक ग्यारह वर्षीय शरारती बालक कक्कू के किस्सों का संग्रह है। कक्कु के पिता की बदली चलते वह कस्बों या गाँव के स्कूलों में पढ़ता था। ऐसे ही एक स्कूल में हुए उसके अनुभवों को इस पुस्तक में जगह मिली है। जहाँ 7 में से 6 किस्सों में उसकी ही मुख्य भूमिका है वहीं आखिरी किस्से का वो कथावाचक है और अपने दादाजी के जीवन से जुड़ी घटना सुना रहा है।
कक्कू के शुरुआती 6 किस्से उसके विद्यार्थी जीवन और उससे जुड़ी शरारतों से जुड़े हैं। यह ऐसी शरारतें हैं जिन्हें स्कूली जीवन में हम सभी ने या तो किया है या तो किसी को करते देखा है या करने की कल्पना की है लेकिन अंजाम के डर से कर नहीं पाए। ऐसे में इन्हें पढ़ना आपको वापस स्कूली दिनों में ले जाता है।
यह छोटे छोटे किस्से हैं जिनकी पठनीयता प्रशांत सोनी के चित्र बढ़ा देते हैं।
विस्तृत लेख एक बुक जर्नल पर प्रकाशित है।