Naach
Naach
Publisher: Eklavya
Author: Navnit Nirav
Illustrator: Naresh Paswan
ISBN: 978-93-48173-16-5
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 72
Published: July-2025
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नाच अद्भुत संवेदनशीलता के साथ रची और बुनी गई कहानी है। लेखक ने कमाल लिखा है।
राजेन्द्र गुप्ता मशहूर अभिनेता व निर्देशक
"नाच बनना है तुमको... नाच। ये नचनिया-वचनिया बनने का विचार छोड़ दो, नहीं तो हमारे घर से निकल जाओ।"
"ये लड़की-वड़की बनके खेला करना कौनो अच्छी बात है क्या? हमारी कसम खाकर कहो कि आज के बाद ये लड़की-वड़की नहीं बनोगे? नचनिया कभी नहीं बनोगे।"
सरोज की बहुत-सी बातें जाहिर नहीं थीं। वह अपने हमउम्र साथियो से ज्यादा संवेदनशील था। उसकी सोच, उसकी चाहते, उसकी इच्छाएँ... सबकुछ एक अनकहा साज था। पर अफसोस कि उस साज को कभी कोई समझ नहीं पाया ना माँ की ममता, ना पिता की खामोशी और ना ही अलगाव करने वाला समाज।
यह किताब एक सफर है सरोज का। खुद को ढूँढते हुए सरोज एक ऐसी दुनिया की तलाश में हैं, जहाँ उनके लिए और उनके जैसे तमाम लोगों के लिए प्यार व अपनापन हो।
आइए, इस सफर में हमकदम बनिए..

