Shiksha Aur Jan Andolan
Shiksha Aur Jan Andolan
Publisher: Eklavya
Author: Sadhna Saxsena
ISBN: 978-93-48176-46-2
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 264
Published: Dec-2025
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शिक्षा के सन्दर्भ में राष्ट्रीय बजट में धन के कम प्रावधान, शिक्षा की निरर्थकता से लेकर शिक्षा पर भूख और गरीबी जैसे कारकों के प्रभाव के विश्लेषण पर कई रपटें, दस्तावेज़ और किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। इन विश्लेषणों में अक्सर यह मानकर चला जाता है कि जिन लोगों के लिए शैक्षिक कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं, वे विभिन्न कारणों से उनका फायदा नहीं उठा पाते, इसलिए वे कार्यक्रम असफल हो जाते हैं। यह मान्यता लोगों को निष्क्रिय पात्रों के रूप में देखती है। इस मान्यता पर सवाल उठाते हुए यह किताब शिक्षा के तीन ज़रूरी पहलुओं की गहन आलोचनात्मक पड़ताल करती है, खास तौर पर भारत के सन्दर्भ में। पहला पहलू है भारत में जन शिक्षा की नीतियाँ, दूसरा है शैक्षिक सिद्धान्तों की समीक्षा और तीसरा, जन शिक्षा का विकल्प और उसके परिणाम। इस पड़ताल में देश में हुए कुछ शैक्षिक आन्दोलनों पर समीक्षात्मक नज़र भी डाली गई है। शिक्षकों, शिक्षा के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षा के इतिहास, समाजशास्त्र और राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह एक ज़रूरी किताब है।
