Shiksha aur Zindagi Mein Ranghmanch
Shiksha aur Zindagi Mein Ranghmanch
Publisher: Eklavya
Author: Walter Peter
Illustrator: Ananya Aparajita
ISBN: 978-93-7612-854-9
Binding: Paperback
Language: Hindi
Pages: 136
Published: Feb-2026
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शिक्षा में रंगमंच का विचार कोई नया विचार नहीं है। गिजुभाई बधेका जैसे जाने-माने शिक्षाशास्त्री शिक्षा में रंगमंच का इस्तेमाल करते थे। अगर हम अपने खुद के स्कूली जीवन को भी याद करें तो हमारे ज़ेहन में कोई न कोई ऐसे शिक्षक ज़रूर आएँगे, जो इस विचार को बख़ूबी अमल में लाते थे। लेकिन ज़्यादातर लोग रंगमंच को सिर्फ मंच, रोशनी और संवादों की दुनिया समझते हैं।
यह किताब समाज में मौजूद शिक्षा और रंगमंच के बीच के इसी फ़ासले को पाटने का एक सार्थक प्रयास है। यह शिक्षा और ज़िन्दगी में रंगमंच की अहमियत को समझने का एक अलग नज़रिया पेश करती है। इसके लेखक वॉल्टर पीटर पिछले तीन दशक से बच्चों के साथ कार्यशालाएँ करते आ रहे हैं। इन कार्यशालाओं में बच्चों के साथ की गई गतिविधियों को उन्होंने इस किताब में संजोने की कोशिश की है।
इस किताब में सौ से भी ज़्यादा गतिविधियाँ दी गई हैं जिन्हें बहुत ही कम संसाधनों के साथ या बिना किसी संसाधन के सीधे तौर पर बच्चों या बड़ों के साथ आज़माया जा सकता है। एक तरफ ये गतिविधियाँ उन्हें मज़ेदार लगेंगी, तो दूसरी तरफ वे बहुत-से मुद्दों के बारे में गम्भीरता से सोच पाएँगे और सवाल उठाना और जवाब खोजना भी सीखेंगे। किताब की भाषा बेहद सरल है और हिन्दी भाषा में लिखी गई यह इस किस्म की पहली किताब है।
